मिशनरी सिंगर संजु आर. जे. समेत 15 लोगो पर देशद्रोह का मामला दर्ज
प्यूपल यूनियन फॉर सिविल राईट हरियाणा ने पुलिस रवैये को ठहराया संगीन
नई दिल्ली/ संदीप K 12 मार्च को अम्बाला के पतरेहड़ी
गांव में राजपूत बिरादरी और एससी समुदाय के बीच विवाद हो गया था। इसके चलते दोनों
समुदाय के बिच आये दिनों मामला बढ़ता ही जा रहा था जिसमे पुलिस ने कार्यवाही करते
बेकसूर लोगो को भी गिरफ्तार किया, वही दलित समाज के निम्न संगठनो ने अनुसूचित
जनजाति के निर्दोष लोगो को बरी करने के बाबत करनाल में अपनी मांगो को लेकर प्रशाशन
से गुहार लगाई और करनाल शहर में ही पधारे सीएम मनोहर लाल खट्टर से भी मिलने एससी
समाज का उच्च शिष्टमंडल की टीम भी मिलने पंहुची, और शांतिपूर्ण ढंग से अपना ज्ञापन सौपा
वही
गत 16 जून को रास्ट्रीय अख़बार दैनिक भास्कर में छपी सुचना के माध्यम से मामला साफ़
होता है की खट्टर प्रशाशन द्वारा दलित समुदाय के 15 लोगो पर पुलिस प्रशासन ने
देशद्रोह का मामला दर्ज कर भारतीय दंड सहिंता की अन्य 8 धाराओं के तहत कार्यवाही
के आदेश दिए है जबकि शिष्टमंडल के सदस्य अधिवक्ता मनदीप ने कहा की शिष्टमंडल पर एस
तरह के संगीन आरोप एकदम बेबाक और निराधार है जबकि एस तरह का कोई रवैया शिष्टमंडल
की और से नही किया गया जिससे की आमजन को किसी भी प्रकार की हानि हो...
इसी मामले में newsbus टीम की हरियाणा के
मशहूर मिशनरी सिंगर और कई राज्यों में अपनी मिशनरी गानों और वक्तव्य से छाप छोड़
छुपे संजू आर.जे. से बातचीत हुई जिसमे उन्होंने बताया की वो स्वम भी दलित समाज को
इंसाफ दिलाने के लिए बहुजन समाज सहित करनाल के कर्ण पार्क में एकत्रित होकर शांति
पूर्ण ढंग से निर्दोष लोगो की गिरफ्तारी को बरी करवाने के लिए प्रशासन से गुहार
लगा रहे थे, उसी दौरान पोलिस की भारीकम टीम ने धरने पर बैठे लोगो पर हमला बोल दिया
और जबरदस्ती से गाडियों में डालकर ले गये जिनमे भारी संख्या में लोगो की गिरफ्तारी
की गयी, और उनपर पुलिस ने संगीन आरोप लगते हुए देशद्रोह का मामला दर्ज किया और
भारतीय दंड सहिंता की 8 धाराओं समेत कार्यवाही करने का मामला दर्ज किया...जिसमे
संजू आर जे समेत 14 लोगो पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया, जबकि दशद्रोह की धारा लगाने
के मामले की जांच करने चंडीगढ़ से करनाल गए पियूपल यूनियन फार सिविल राइट हरियाणा (पीयसीआर)
टीम ने बताया कि सीएम के विधानसभा क्षेत्र में पुलिस की इस कार्यप्रणाली साबित हो रहा
है कि पुलिस कैस मानव अधिकारों का हनन कर रही है।
वही संजू आर जे का कहना है की इस देश में
प्रत्येक व्यक्ति बाबा साहब द्वारा बनाये गये सविंधान में मौलिक अधिकार दिए गये है
जिससे की वो अपने अधिकार को सुरक्षित रख सके वही बाबा साहब के मौलिक अधिकारों में
शोषण के विरुद्ध अधिकार को “फादर ऑफ़ फंडामेंटल राईट” का अधिकार देते हुए कहा की यह
अधिकार किसी भी हालत में मौलिक अधिकारों का हनन नही होने देगा, लेकिन इस मामले में
कही न कही हमारे मौलिक अधिकारों को पुलिस प्रशाशन की और से कुचते हुए धरनास्थलियो
पर देशद्रोह का मामला लगाया, जिससे साफ़ प्रतीत होता है की लोकतंत्र में अपनी बात
को अपने रखने के लिए भी देशद्रोह के मामले से जूझना पड़ता है, जबकि सविंधान के
अनुछेद 19 (1) क के माध्यम से प्रत्येक भारतीय नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
दी गयी है, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर देशद्रोह का मामला लगाने की
दूकान का क्या ठिकाना है और कितना जायज है शायद इसका जवाब सिमित नही है ?
संजू ने अपने तेज तरार बयानों में दो टूक
करते हुए कहा की इस तरह की मनसा अम्बेडकरवादियो को दबाने के लिए और भविष्य के कोई
भी अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति एवम पिछड़ा वर्ग की आवाजो को दबाने के लिए साफ़
दिखती है, लेकिन उनके शब्द स्थिति को दागते हुए कहते है कि:-
संघर्ष करण आले लोग
मरे पाछै भी जिन्दा रया करै..
अर जमीर तै समझोता
करण आले जिंदा मुर्दे होया करै..
अब आपके हाथ में
है आप क्या चुनेंगे ?
जैसे इंकलाबी
शब्दों से ही साफ हो जाता है की हम आने किसी भी प्रकार की कठिनाइयों से नही डरेंगे
और छोटी सोच के लोगो की मंशा को अंजाम देते हुए आगे बढ़ेंगे और भविष्य में भी किसी
भी प्रकार का अत्याचार नही सहेंगे.....

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